टूथपेस्ट एक शिक्षा अनेक

कोई भी सामान बेकार नहीं होता, यही सोचा मैंने। घर पर खाली पड़े पेस्ट के ट्यूब और उसके डिब्बे स्कूल ले गई। सोचा आज इसके द्वारा बच्चों को शिक्षा देना है। स्कूल के बच्चों के सामने पेस्ट के खाली ट्यूब और डिब्बे रखे, तो बच्चे अचंभित नजरों से देखने लगे।

                             मैंने उन्हें पूर्व ज्ञान से जोड़कर प्रश्न किए, क्या? क्यों? कैसे?, बच्चों ने भी प्रश्न किए l चर्चा के बाद, पेस्ट के खाली डिब्बों द्वारा शिक्षा को, हिंदी विषय से जोड़ दिया और दांतों की स्वच्छता का पाठ पढ़ाया। बच्चों से दातों की स्वच्छता पर निबंध लिखवाया। पाठशाला, मोहल्ला, गांव सभी के दांत स्वच्छ रहे इसके लिए सभी को जागरुक करना हमारी जिम्मेदारी है।

                             मैंने अंग्रेजी विषय पर फोकस किया। अच्छा इस पर लिखी अल्फाबेट पढ़ सकते हो-? बच्चे C o l g a t e पढ़ने लगे। बच्चों से डिब्बे पर लिखे Capital letter और Small letters भी पूछे lअच्छा कैटरपिलर के बारे में जानते हो-? आज हम पेस्ट के डिब्बे की कैटरपिलर बनाएंगे। सभी बच्चों के सहयोग से कैटरपिलर डिब्बे की काटकर बनाई बच्चे सक्रिय रहे। अब कैटरपिलर की चित्रकारी भी कराई सभी बच्चों ने अपने अपने ढंग से सुंदर चित्रकारी की और कैटरपिलर की स्पेलिंग भी सुनाई। आनंदपूर्ण वातावरण में बच्चे शिक्षा ले रहे थे।

                    अब मैंने पेस्ट द्वारा शिक्षा को, विज्ञान विषय से जोड़ा l उनके दांत नाखून चेक किए। दांतो की स्वच्छता, नाखूनों की स्वच्छता  और इनके गंदे रहने से स्वास्थ्य पर  पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के बारे में बच्चों से चर्चा की। Manufacturer date , Expire date पर बच्चों का ध्यान केंद्रित किया।

                   गणित को भी क्यों छोड़े, जोड़ डाला पेस्ट द्वारा शिक्षा से l डब्बे पर लिखी पेस्ट की कीमत पूछी ली l सभी बच्चे डिब्बे पर  price देखने लगे। एक पेस्ट ₹92 का आता है तो एक दर्जन पेस्ट कितने के आएंगे? जोड़,गुणा,भाग सभी से पेस्ट द्वारा शिक्षा को जोड़ दिया। पेस्ट के डिब्बे का आकार घनाभ के रूप में होता है l डिब्बे और खाली ट्यूब को काट कर आयत, वर्ग और कई ज्यामिति आकृतियाँ बनवाई l

                          अब आया सामाजिक विज्ञान वह भी पेस्ट द्वारा शिक्षा से अछूता कैसे रहे। मैंने बच्चों से उनके दादा-दादी के पेस्ट करने के तरीके पूछे l उन्होंने कोयला, नीम, दातुन के बारे में बताया। फिर मैंने पूर्वजों के दांत साफ करने के तरीके और स्वच्छता को इतिहास से जोड़कर बताया। पेस्ट कैसे और किस - किस सामग्री से बनता है l यह सामग्रियां कहां- कहां से प्राप्त होती हैं और डिब्बा कैसे बनाया जाता है l यह सब बता कर भूगोल, अर्थशास्त्र से भी, पेस्ट द्वारा शिक्षा को जोड़ दिया l बच्चों को घर की सजावट की सामग्री,हेयर बैंड की सजावट , एअर रिंग बनाना सिखाया l

     बच्चों के फीडबैक भी मिले l यह पेस्ट के खाली डिब्बे नहीं, ज्ञान का भंडार है l हमें स्वच्छ और स्वस्थ रहने का पाठ पढ़ा रहे हैं l हमारे दांत स्वच्छ, स्वस्थ रहें, यह संदेश दे रहे हैं l  हमारे ही नहीं बल्कि  परिवार, आस-पड़ोस और समाज के लोग  स्वच्छ, स्वस्थ रहें, यह सीख इनसे मिल रही है।

                 मेरा प्रयास सफल रहा l बच्चे उत्साहित और सक्रिय रहे। वह आनंदित होकर मजेदार, रोचक तरीके से दैनिक जीवन से जुड़ी शिक्षा लेते रहे। बच्चों को आसपास (स्वयं , परिवार, विद्यालय, समाज आदि ) के वातावरण की छानबीन करने उससे संबंध जोड़ने, सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सक्रिय भाग लेने का बराबर अवसर मिला l कल्पना शक्ति और जिज्ञासा, सर्जनशीलता का विकास हुआ।

                 

                             


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