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टूथपेस्ट एक शिक्षा अनेक

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कोई भी सामान बेकार नहीं होता, यही सोचा मैंने। घर पर खाली पड़े पेस्ट के ट्यूब और उसके डिब्बे स्कूल ले गई। सोचा आज इसके द्वारा बच्चों को शिक्षा देना है। स्कूल के बच्चों के सामने पेस्ट के खाली ट्यूब और डिब्बे रखे, तो बच्चे अचंभित नजरों से देखने लगे।                              मैंने उन्हें पूर्व ज्ञान से जोड़कर प्रश्न किए, क्या? क्यों? कैसे?, बच्चों ने भी प्रश्न किए l चर्चा के बाद, पेस्ट के खाली डिब्बों द्वारा शिक्षा को, हिंदी विषय से जोड़ दिया और दांतों की स्वच्छता का पाठ पढ़ाया। बच्चों से दातों की स्वच्छता पर निबंध लिखवाया। पाठशाला, मोहल्ला, गांव सभी के दांत स्वच्छ रहे इसके लिए सभी को जागरुक करना हमारी जिम्मेदारी है।                              मैंने अंग्रेजी विषय पर फोकस किया। अच्छा इस पर लिखी अल्फाब...

~2020 अलविदा~

अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा 2020 तुझे, हम कहें अलविदा जिसको भूले से भी, ना भुला जा सके इतिहास के पन्नों में, यह लिख गया एक सन्नाटा पसरा रहा हर तरफ़ दुख दिया, दर्द दिया, भय दिया, डर दिया अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा 2020 तुझे, हम कहें अलविदा। दुनिया भाग रही थी, सर पर पांव रखें सांसों की फुर्सत, ना सहेली सखे कोरोना को जो तूने, खड़ा कर दिया फिर अचानक समय, जैसे - थम सा गया अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा 2020 से तुझे, हम कहें अलविदा। कहीं बेटे को मां से, जुदा कर दिया कहीं बेटे को मां से, मिला भी दिया कहीं टूटे परिवार, रुठे थे मन उन रिश्तो को तूने, मधुर कर दिया अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा 2020 तुझे, हम कहें अलविदा। एकांत में सोचने का मौका दिया मदद दूसरों की करना, सिखला दिया क़दर इंसानियत की इंसान कर लें  हुनर मिल बांट के खाने का, खिला दिया अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा 2020 तुझे,  हम कहें अलविदा। वर्चुअल दुनिया से, हम को जोड़े रखा मैसेज, वीडियो कॉल पर, लाइव रखा डॉक्टर, नर्स, शिक्षक और सफाई कर्मी इन योद्धाओं पर तूने, फोकस किया अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा 2020 तुझे हम कहें...

कला समेकित शिक्षा

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                      कला समेकित शिक्षा आईये इसका अर्थ जानलें - कला के साथ शिक्षा को जोड़ना।  यानि कला+शिक्षा।  कला - कोई भी कला (चित्रकला, मूर्तिकला, कठपुतली कला, तकनीक, दृश्य- श्रव्य कला, लेखन, हाव-भाव, फोटोग्राफी, मंच सज्जा, मूक-अभिनय, मार्शल, जादू, मौखिक कौशल, सिनेमा आदि) का एकीकरण शिक्षा के साथ किया जाए, तो सभी विषयों को आसान, रोचक आकर्षक बनाया जा सकता है। ऐसी शिक्षा बाल केंद्रित हृदय और मस्तिष्क पर छाप छोड़ने वाली, अनुभवकारी, बेहतर और सर्वांगीण विकास करने वाली होती है, जो 21वीं सदी की जरूरत भी है।                          चलिए हिंदी विषय को ले लें। हमें संज्ञा समझना है, तो कठपुतली कला द्वारा सीता राम वनवास गए, पर आधारित गतिविधि द्वारा रोचक आकर्षक आसान शिक्षा दी जा सकती है।                      ...