~2020 अलविदा~
अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा
2020 तुझे, हम कहें अलविदा
जिसको भूले से भी, ना भुला जा सके
इतिहास के पन्नों में, यह लिख गया
एक सन्नाटा पसरा रहा हर तरफ़
दुख दिया, दर्द दिया, भय दिया, डर दिया
अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा
2020 तुझे, हम कहें अलविदा।
दुनिया भाग रही थी, सर पर पांव रखें
सांसों की फुर्सत, ना सहेली सखे
कोरोना को जो तूने, खड़ा कर दिया
फिर अचानक समय, जैसे - थम सा गया
अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा
2020 से तुझे, हम कहें अलविदा।
कहीं बेटे को मां से, जुदा कर दिया
कहीं बेटे को मां से, मिला भी दिया
कहीं टूटे परिवार, रुठे थे मन
उन रिश्तो को तूने, मधुर कर दिया
अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा
2020 तुझे, हम कहें अलविदा।
एकांत में सोचने का मौका दिया
मदद दूसरों की करना, सिखला दिया
क़दर इंसानियत की इंसान कर लें
हुनर मिल बांट के खाने का, खिला दिया
अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा
2020 तुझे, हम कहें अलविदा।
वर्चुअल दुनिया से, हम को जोड़े रखा
मैसेज, वीडियो कॉल पर, लाइव रखा
डॉक्टर, नर्स, शिक्षक और सफाई कर्मी
इन योद्धाओं पर तूने, फोकस किया
अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा
2020 तुझे हम कहें अलविदा।
जाते-जाते 2021 से कह देना
लोगों को खुलकर आज़ादी से, रहने देना
जिंदगियां मुस्कुराए, सब चैन से रहें
यह आशीर्वाद और दुआएं देते जाना
अलविदा, अलविदा, अलविदा, अलविदा
2020 तुझे हम, कहें अलविदा।
श्रीमती फरहत उन्निसा खान
माध्यमिक शिक्षक M/S बेरखेड़ी
सिरोंज विदिशा मध्य प्रदेश